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कांग्रेस में फिर हुआ सचिन पायलट की भूमिका को लेकर मतभेद

नई दिल्ली। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को आगे क्या भूमिका दी जाए इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व एक राय नहीं बना पा रहा है। लिहाजा इसे लेकर तारीख पर तारीख देने के बाद भी फैसला नहीं हो पा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य के प्रभारी और संगठन महासचिव वेणुगोपाल के साथ सचिन पायलट की हाल ही में चर्चा हुई और इससे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी अवगत करवाया गया। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस में एक धड़ा सचिन पायलट को जल्द से जल्द राज्य का मुख्यमंत्री बनाकर चुनाव की तैयारी शुरू करने के पक्ष में है वहीं दूसरा खेमा चुनाव में कम समय बचे होने का हवाला देकर किसी भी नेतृत्व परिवर्तन के खिलाफ है।

इन नेताओं का तर्क है कि नेतृत्व परिवर्तन के लिए देर हो चुकी है और राजस्थान में पंजाब दोहराने से कोई फायदा नहीं है और इस दूसरे खेमे का मत है कि सचिन पायलट को महासचिव बनाकर और राज्य की प्रचार समिति का जिम्मा देकर अगले चुनाव में जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट अब तक नेतृत्व परिवर्तन से कम पर मानने को तैयार नहीं वह 17 फरवरी से राज्य में फिर सक्रिय होने वाले हैं। 

पायलट समर्थकों का तर्क है कि राज्य में 8 महीने के लिए सीएम बनकर भी काफी काम किया जा सकता है सीएम बनाना एक वोट बैंक के लिए महत्वपूर्ण है, जिसने विधानसभा चुनाव में पायलट के नाम पर वोट दिया था फिलहाल पार्टी के प्लेनरी सेशन और होली का हवाला देकर मामला टालने की कोशिश हो रही है, लेकिन सचिन जल्द फैसला चाहते हैं ऐसे में खबर है कि मल्लिकार्जुन खरगे अब इसे लेकर सोनिया गांधी से बात करेंगे और उसके बाद ही कोई फैसला सामने आएगा।

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