ईडी ने की छत्तीसगढ़ में बड़ी छापेमारी, निशाने पर IAS और सत्ताधारी नेता

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में ईडी द्वारा शुक्रवार को राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, कुछ व्यवसायी और सत्ताधारी दल के नेता के ठिकानों पर छापे की खबर है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने आज सुबह राज्य के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जिले में छापे की कार्रवाई शुरू की। ईडी ने जिन लोगों के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की है उनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस के एक अधिकारी, व्यवसायी और सत्ताधारी दल के नेता शामिल हैं। राज्य में छापे के संबंध में ईडी के किसी अधिकारी ने अभी तक पुष्टि नहीं की है। छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष अक्टूबर से ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है। अक्टूबर माह में ईडी ने छापे के बाद आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी और एक अन्य व्यवसायी सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। बाद में सूर्यकांत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं दिसंबर माह में ईडी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में पदस्थ उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। ईडी ने आयकर विभाग की एक शिकायत का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन के आरोपों की जांच शुरू की थी।

ईडी ने एक बयान में दावा किया था कि छत्तीसगढ़ में कोयले की ढुलाई में ‘भारी घोटाला’ हो रहा है, जिसके तहत राज्य में कोयला परिवहन पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध उगाही की जा रही है। इसमें नौकरशाह, व्यापारी, राजनेता और बिचौलिए शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में ईडी की इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)लड़ नहीं पा रही है इसलिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बघेल ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ”मैने पहले ही बताया था कि चुनाव तक वह (ईडी) रहेंगे। चुनाव कराकर जाएंगे।” उन्होंने कहा, ”मैं शुरू से कह रहा हूं कि भाजपा यहां लड़ नहीं पा रही है। वह लगातार बैठक कर रहे हैं, प्रभारी बदल रहे हैं, प्रदेश अध्यक्ष बदल रहे हैं, नेता प्रतिपक्ष बदल रहे हैं। सब बदल कर देख लिए। अब ईडी, आईटी (आयकर विभाग) हथियार है, जिसके माध्यम से लोगों के बीच बदनाम करना, प्रचार प्रसार करना यह इनका उद्देश्य है। होना जाना कुछ नहीं है। केवल परेशान करना है।”

एक सवाल कि जवाब में बघेल ने कहा, ”महाराष्ट्र में अब केंद्रीय एजेंसी की दबिश होती है क्या। जैसे ही सरकार बदली वहां से सभी केंद्रीय एजेंसी बोरिया बिस्तर बांधकर निकल लिए। अब चूंकि छत्तीसगढ़ में चुनाव है इसलिए इस प्रकार से कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ही यही है। जहां जहां चुनाव होते हैं, जैसे पश्चिम बंगाल में पहले खूब चला था चुनाव से पहले। महाराष्ट्र में चला, कर्नाटक में चला। अब यहां चल रहा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ यह कुल मिलाकर स्थिर सरकार को अस्थिर करना, जितना बदनाम कर सकते हो बदनाम करो और अधिकारियों, व्यापारियों और राजनेताओं को डराने का काम हो रहा है।”

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