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पाक लड़ रहा छद्म युद्ध, आई रक्षा मंत्रालय की समीक्षा रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत ने चीन और पाकिस्तान को परोक्ष रूप से चेतावनी दी है कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई से निपटने और करारा जवाब देने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है। रक्षा मंत्रालय ने साल के अंत में समीक्षा रिपोर्ट में यह बात कही है। शनिवार को रक्षा मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जबकि 9 दिसंबर को अरुणाचल के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सैनिकों ने अतिक्रमण की कोशिश की थी। तब भारत के शूरवीर सैनिकों ने चीन की पीएलए यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों को दूर खदेड़ दिया था।

सेना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उभरते खतरों की लगातार निगरानी और समीक्षा करती है। रक्षा मंत्रालय ने सालाना समीक्षा में बताया है कि एलओसी पर बीते साल फरवरी से भारत-पाकिस्तान की सेनाओं के बीच संघर्ष विराम की समझ के साथ स्थिति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रही। रक्षा मंत्रालय ने कहा, पाकिस्तान ने छद्म युद्ध बुनियादी ढांचे को बरकरार रखा है। सक्रिय आतंकी ट्रेनिंग कैंप, लॉन्च पैड्स में आतंकियों की मौजूदगी और लगातार घुसपैठ के प्रयास पड़ाेसी देश की नापाक मंशा को साबित करते हैं। यही नहीं, पाकिस्तान नशीले पदार्थो की तस्करी को भी प्रमोट करके देश के युवाओं को गुमराह करने की हरकतें करता रहा है। सीमापार से युवाओं को आतंक की राह पर धकेलने के लिए हथियार भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

रक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा कि मिसाइलों के लगातार परीक्षण और उनकी मारक क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को काफी सफलता मिली है। ब्रह्मोस मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण के सफल परीक्षण, पृथ्वी-द्वितीय मिसाइल, अग्नि-4 और अग्नि-3 मिसाइलों के प्रक्षेपण से सेना और ताकतवर हुई है। समीक्षा में पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल आईएनएस अरिहंत के साथ स्वदेशी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’ के सफल परीक्षण का भी जिक्र है। 2020 में 4645 संघर्ष विराम उल्लंघन की तुलना में फरवरी 2021 के बाद से तीन ही ऐसी घटनाएं हुईं। इसमें 2022 में सिर्फ एक बार सीमापार से गोलीबारी हुई। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सेना ने लगातार उग्रवाद-विरोधी और आतंकवाद-रोधी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इसमें कहा गया है कि भारतीय सेना सैन्य आधुनिकीकरण के साथ-साथ विरोधियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है। सेना ने साइबर, अंतरिक्ष और सूचना क्षेत्र में उभरते खतरों से निपटने के लिए क्षमता का निर्माण किया है।

एलओसी पर इस साल पाकिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ की 12 कोशिशों को सेना ने नाकाम किया। इस दौरान 18 आतंकियों को ढेर किया और भारी मात्रा में हथियार कब्जे में लिए।सेना साइबर, अंतरिक्ष और सूचना डोमेन में उभरते खतरों से निपटने के लिए क्षमता का भी निर्माण कर रही है। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उभरते और भावी खतरों की लगातार समीक्षा करते हुए सेना ने लगातार उग्रवाद-विरोधी और आतंकवाद-रोधी अभियानों को अंजाम दिया है और उच्च प्रशिक्षण मानकों को बरकरार रखा है।

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